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‘कोड वर्ड’ से होती थी सिया-चेतन की बातचीत, केतन हत्याकांड में बड़ा खुलासा

केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को सिया गोयल का दूसरा मोबाइल मिला है। जांच में दोनों के बीच 'कोड वर्ड' में बातचीत के संकेत मिले हैं। फॉरेंसिक जांच और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी जारी है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच एजेंसियों का फोकस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच हुई बातचीत पर है। पुलिस का दावा है कि दोनों सामान्य भाषा की बजाय ‘कोड वर्ड’ का इस्तेमाल करते थे, जिससे हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

कोड वर्ड की जांच

जांच के दौरान पुलिस ने सिया के घर से उसका दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया है। इससे पहले दोनों आरोपियों के एक-एक मोबाइल पहले ही जब्त किए जा चुके थे। अब नए फोन की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कोड वर्ड्स का क्या मतलब था और उनका कथित हत्या की योजना से कोई संबंध था या नहीं।

हिरासत बढ़ाने से इनकार

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। जांच एजेंसी का तर्क था कि नए मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना जरूरी है। हालांकि अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

साजिश के नए सुराग

जांच अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की डिजिटल जांच में कई ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें संदिग्ध कोड भाषा का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन शब्दों का वास्तविक अर्थ केवल सिया और चेतन ही स्पष्ट कर सकते हैं। इसलिए फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल डेटा की गहन जांच जारी है। इस बीच पुलिस ने घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए सिया को पुणे के लुल्लानगर स्थित उस स्थान पर भी ले जाकर सीन री-क्रिएट कराया, जहां कथित तौर पर हत्या की योजना का पहले अभ्यास किया गया था। जांच में यह भी दावा किया गया है कि दोनों ने वारदात से पहले पूरी योजना तैयार की थी।

पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

पुलिस ने सिया के घर से घटना वाले दिन पहने गए कथित कपड़े भी बरामद किए हैं। साथ ही दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अदालत से अनुमति मांगी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। शुरुआती जांच के अनुसार, प्रेम संबंध में बाधा बनने की वजह से केतन अग्रवाल की कथित हत्या की साजिश रची गई थी।

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